भक्ति, समरसता और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल: तिमेड़ से मददेड तक निकली 25 किमी की भव्य कावड़ यात्रा

मिथिलेश मंचरला, हेमंत तिवारी एवं सी.एच. श्याम बापू के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन,
मुस्लिम समाज ने शीतल पेय पिलाकर किया कावड़ियों का आत्मीय स्वागत
भोपालपटनम रिपोर्टर पूजा रापर्ती✍️
आस्था, भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम बुधवार को मददेड क्षेत्र में देखने को मिला। श्री राम मंदिर समिति मददेड के तत्वावधान में वरिष्ठ समाजसेवी मिथिलेश मंचरला, हेमंत तिवारी एवं सी.एच. श्याम बापू के मार्गदर्शन में तिमेड़ से मददेड तक करीब 25 किलोमीटर की भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई यह यात्रा लगभग 10 घंटे बाद रात 8 बजे मददेड स्थित राम मंदिर प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुई।
लंबी दूरी की इस पैदल कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया।
वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में शुरू हुई यात्रा
कावड़ यात्रा का शुभारंभ तिमेड़ में विधिवत पूजा-अर्चना एवं संकल्प के साथ किया गया। वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन में यात्रा को व्यवस्थित एवं अनुशासित तरीके से आगे बढ़ाया गया। कावड़ियों ने तिमेड़ से पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा प्रारंभ की और निर्धारित मार्ग से होते हुए मददेड की ओर प्रस्थान किया।
यात्रा में समाज के विभिन्न आयु वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर तथा कंधों पर कावड़ उठाकर यात्रा में सहभागिता की। बच्चों में भी कावड़ यात्रा को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। वहीं युवाओं ने पूरे मार्ग में अनुशासन बनाए रखते हुए धार्मिक जयघोष और भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा।
25 किलोमीटर की दूरी, फिर भी नहीं कम हुआ उत्साह
करीब 25 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। मार्ग लंबा होने के बावजूद कावड़ियों के कदम लगातार आगे बढ़ते रहे। कई स्थानों पर ग्रामीणों एवं स्थानीय लोगों ने यात्रियों का स्वागत किया और उनकी सुविधाओं का ध्यान रखा।
श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में पानी एवं शीतल पेय की व्यवस्था भी की गई। सेवा और सहयोग की भावना के चलते यात्रा में शामिल लोगों को लंबी दूरी तय करने में काफी राहत मिली।
मुस्लिम समाज ने पेश की सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
इस कावड़ यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पक्ष हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश रहा। यात्रा मार्ग में मुस्लिम समाज के नागरिकों ने आगे बढ़कर कावड़ियों का आत्मीय स्वागत किया।
कई स्थानों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने स्टॉल लगाकर कावड़ियों के लिए ठंडे पानी एवं शीतल पेय की व्यवस्था की और उन्हें अपने हाथों से पिलाकर सेवा की। इस पहल से यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भी प्रसन्नता व्यक्त की।
मुस्लिम समाज की इस सेवा भावना ने यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन मानवता, भाईचारा और आपसी सद्भाव समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। इस दृश्य ने क्षेत्र में गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल प्रस्तुत की।
राम मंदिर पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत
लगभग 10 घंटे की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद रात करीब 8 बजे कावड़ यात्रा मददेड स्थित श्री राम मंदिर प्रांगण पहुंची। कावड़ियों के मंदिर पहुंचते ही श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान पुष्पवर्षा एवं आतिशबाजी के साथ कावड़ियों का अभिनंदन किया गया।
मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद तिमेड़ से लाए गए पवित्र जल से भगवान का विधिवत जलाभिषेक किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य महाआरती आयोजित हुई। महाआरती के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
महाप्रसाद का हुआ वितरण
जलाभिषेक एवं महाआरती के पश्चात मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक उल्लास देखने को मिला।
आयोजन ने दिया एकता और भाईचारे का संदेश
यह कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज में एकता, भाईचारे, सेवा और सांप्रदायिक सौहार्द का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। विशेष रूप से मुस्लिम समाज द्वारा कावड़ियों के लिए शीतल पेय और पानी की व्यवस्था किए जाने से आपसी सद्भाव का संदेश और मजबूत हुआ।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यदि समाज में एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सहयोग और सेवा की भावना बनी रहे तो क्षेत्र में आपसी भाईचारा और सामाजिक समरसता और मजबूत होगी।
मंदिर समिति ने जताया आभार
आयोजन के सफल समापन पर श्री राम मंदिर समिति मददेड के पदाधिकारियों एवं आयोजकों ने यात्रा में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समिति ने विशेष रूप से मिथिलेश मंचरला, हेमंत तिवारी एवं सी.एच. श्याम बापू के मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।
इसके साथ ही यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं, मातृशक्ति, बच्चों, युवाओं, ग्रामवासियों तथा रास्ते में सेवा एवं स्वागत करने वाले सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया। विशेष रूप से कावड़ियों के लिए शीतल पेय एवं पानी की व्यवस्था कर सेवा करने वाले मुस्लिम समाज के भाइयों के प्रति भी समिति ने हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
25 किलोमीटर की इस भव्य कावड़ यात्रा ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का जो संदेश दिया, वह क्षेत्रवासियों के लिए निश्चित रूप से एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।


