बीजापुर

कांवड़ यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, तिमेड़ से लाए गंगाजल से भोपालपटनम के शिवलिंग का हुआ जलाभिषेक

भोपालपटनम। श्रावण मास के पावन अवसर पर भोपालपटनम स्थित प्राचीन शिव मंदिर में सोमवार को चौथी वार्षिक भव्य कांवड़ यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। धार्मिक आस्था से ओत-प्रोत इस आयोजन में भोपालपटनम नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। करीब 500 कांवड़ियों और 300 महिला श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए इंद्रावती नदी के तिमेड़ घाट से पवित्र जल लेकर लगभग 4 किलोमीटर की पदयात्रा की और प्राचीन शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक किया।
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ सुबह करीब 8 बजे मां गंगा की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कांवड़ और कलश लेकर शिव मंदिर की ओर पदयात्रा शुरू की। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा मार्ग भक्तिमय हो उठा। कांवड़िए लगातार ‘हर हर महादेव’, ‘बम-बम भोले’ और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
महिलाओं की भागीदारी रही विशेष आकर्षण
इस वर्ष की कांवड़ यात्रा में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। करीब 300 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर तिमेड़ घाट से शिव मंदिर तक पैदल यात्रा की। महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में सहभागिता निभाई। महिलाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने आयोजन को और अधिक भव्य एवं भावपूर्ण बना दिया।
मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाएं
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन एवं स्थानीय संस्थाओं द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के साथ पेयजल की भी व्यवस्था की गई। गोल्लागुड़ा चौक पर नगर पंचायत द्वारा पेयजल की व्यवस्था की गई, जिससे पदयात्रा कर रहे कांवड़ियों और महिला श्रद्धालुओं को राहत मिली। स्वास्थ्य, सुरक्षा, सफाई एवं यातायात व्यवस्था को लेकर भी संबंधित विभागों ने सहयोग किया।
फूलों और भगवा ध्वजों से सजा शिव मंदिर परिसर
कांवड़ यात्रा को लेकर प्राचीन शिव मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। रंग-बिरंगे गेंदा फूलों, भगवा तोरणों और धार्मिक झंडों से सजे मंदिर परिसर में पहुंचते ही श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हुआ। मंदिर पहुंचने के बाद सभी कांवड़ियों और श्रद्धालुओं ने अपने साथ लाए पवित्र जल से शिवलिंग का विधिवत अभिषेक किया और भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
जलाभिषेक के दौरान मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर श्रावण मास की धार्मिक परंपरा को श्रद्धा के साथ निभाया।
यात्रा के बाद हुआ प्रसाद वितरण
कांवड़ यात्रा एवं जलाभिषेक के पश्चात शिव मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों और समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
नगर पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन का सहयोग
कांवड़ यात्रा को सफल और व्यवस्थित बनाने में नगर पंचायत भोपालपटनम, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों द्वारा सहयोग किया गया। इसके अलावा स्थानीय नागरिकों और स्वयंसेवकों ने भी यात्रा को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
वर्ष 2022 से जारी है कांवड़ यात्रा की परंपरा
शिव मंदिर समिति के अनुसार भोपालपटनम में कांवड़ यात्रा की यह धार्मिक परंपरा वर्ष 2022 से लगातार जारी है। हर वर्ष यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। समिति का कहना है कि कांवड़ यात्रा अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह क्षेत्र में सामाजिक समरसता, सेवा, श्रद्धा और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक बन चुकी है।
श्रावण मास के चौथे सोमवार को आयोजित इस भव्य कांवड़ यात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने भोपालपटनम में धार्मिक चेतना और शिवभक्ति का अनूठा वातावरण निर्मित कर दिया। इंद्रावती नदी से पवित्र जल लेकर शिव मंदिर तक श्रद्धालुओं की पदयात्रा और पूरे मार्ग में गूंजते भगवान शिव के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। आस्था और उत्साह से भरी यह कांवड़ यात्रा भोपालपटनम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा में एक यादगार आयोजन के रूप में दर्ज हुई।

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