लगातार बारिश से जल्लावागू उफान पर; दर्जनों गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूटा

भोपालपटनम। क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भोपालपटनम ब्लॉक का प्रमुख जल्लावागू नाला उफान पर होने के कारण दर्जनों गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। नाले में तेज बहाव और पुलियों के ऊपर कई फीट पानी बहने से दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। स्थिति ऐसी बन गई है कि कई गांव टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं।
लगातार बारिश के कारण जल्लावागू का जलस्तर आधी रात से ही तेजी से बढ़ता रहा। सुबह तक नाले में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। शासकीय कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तथा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यस्थलों तक नहीं पहुंच सकते हैं कई कर्मचारी नाले के दोनों ओर फंसे रहे और पानी कम होने का इंतजार करते दिखाई दिए।
बारिश का सबसे अधिक असर सकनापल्ली, लिंगापुर, वरदल्ली, बारेगुडा, मट्टीमरका, सेंड्रा और पीलूर सहित दर्जनों गांवों में देखने को मिला, जहां से लोगों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है। ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों, इलाज, राशन एवं अन्य जरूरतों के लिए मुख्यालय पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केवल जल्लावागू ही नहीं, बल्कि भोपालपटनम ब्लॉक के अधिकांश छोटे-बड़े नाले भी उफान पर हैं। तेज बहाव के कारण ग्रामीण मार्गों पर आवाजाही जोखिमभरी हो गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने तथा उफनते नालों को पार करने का प्रयास न करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में जल्लावागू नाला इसी तरह विकराल रूप धारण कर लेता है। पानी बढ़ते ही सकनापल्ली, लिंगापुर, वरदल्ली, बारेगुडा, मट्टीमरका, सेंड्रा और पीलूर जैसे गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में उन्हें हर साल इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
लगातार बारिश के चलते प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में अन्य ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी प्रभावित होने की आशंका है। फिलहाल ग्रामीणों और कर्मचारियों को पानी कम होने का इंतजार है ताकि आवागमन फिर से सामान्य हो सके।

