‘सत्ता बचाने के लिए देश को बनाया जेल’, आपातकाल की बरसी पर कांग्रेस पर बरसे विधायक चैतराम अटामी

लोकतंत्र, संविधान और प्रेस की स्वतंत्रता को कुचलने का काला अध्याय था आपातकाल – चैतराम अटामी
बीजापुर। आपातकाल की 51वीं बरसी पर भाजपा अटल सदन कार्यालय बीजापुर में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी ने 25 जून 1975 को कांग्रेस शासन के दौरान लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताया गया। विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने “आंतरिक अशांति” का हवाला देकर संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू किया, जबकि देश में न तो युद्ध की स्थिति थी और न ही कोई बाहरी आक्रमण। इसे सत्ता बचाने के लिए उठाया गया कदम बताया गया।
प्रेसवार्ता में कहा गया कि 1971 के लोकसभा चुनाव के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी के निर्वाचन को अवैध ठहराया था। इसके बाद 25 जून 1975 की रात आपातकाल लागू कर दिया गया। आपातकाल के दौरान प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, समाचार पत्रों की बिजली काटी गई, सेंसरशिप लागू हुई और हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों तथा सामाजिक संगठनों के लोगों को जेल में डाल दिया गया।
श्री अटामी ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, जॉर्ज फर्नांडिस, नानाजी देशमुख सहित अनेक विपक्षी नेताओं को बंदी बनाया गया। संविधान में 38वें, 39वें और 42वें संशोधनों के माध्यम से न्यायपालिका की शक्तियों को सीमित करने और सत्ता को केंद्रीकृत करने का प्रयास किया गया। शाह आयोग की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा गया कि आपातकाल लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात था।
प्रेसवार्ता में यह भी आरोप लगाया गया कि कांग्रेस आज भी उसी मानसिकता के साथ कार्य कर रही है और कांग्रेस शासित राज्यों में विरोधी विचारों, पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के उदाहरण देखने को मिलते हैं। श्री अटामी ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों से मजबूत होता है।आपातकाल भले ही 1977 में खत्म हो गया लेकिन आपातकाल की मनोवृति वाले तत्व और संगठन आज भी मौजूद हैं।
प्रेसवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष घासीराम नाग, जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा, भाजपा मीडिया प्रभारी प्रताप यादव, पार्षद संजय रिवानी, हितेश साहनी उपस्थित रहे।

